Wednesday, August 1, 2018

कीकी! क्या तुम्हें ज़िंदगी से प्यार है?

'सेक्रेड गेम्स' में अपने ढाबे में देसी ठर्रा परोसने वाली 'कांता' नौसिखिया गुड़े 'गायकतोंडे' से कहती है- "तुझे जिंदा रहने का है, तो डेयरिंग कर..." कांता की यही सीख गायकतोंडे के लिए ज़िंदगी का 'ब्रह्म ज्ञान' बन जाती है।
'कीकी चैलेंज' स्वीकार कर रहे लोगों को भी मुगालता है कि वे कुछ 'डेयरिंग' कर रहे हैं। अगर 'कीकी चैलेंज' का नाम आप पहली बार सुन रहे हैं, तो शॉर्टकट में बस इतना समझ लीजिए कि यह 'आइस बकेट चैलेंज' की तरह ही मूर्खतापूर्ण आचरण करने की चुनौती देने वाला नया सोशल ट्रेंड है। इसमें चुनौती स्वीकार करने वाले व्यक्ति को चलती गाड़ी से उतर कर थोड़ी देर डांस करना होता है और फिर दोबारा चलती गाड़ी में बैठना होता है। इस दौरान गाड़ी चलाने वाला दूसरा व्यक्ति नाचने वाले का वीडियो रिकॉर्ड करता है।
'कीकी चैलेंज' की वजह से भारत सहित पूरी दुनिया से दुर्घटनाओं की ख़बरे आने लगी हैं। कीकी चैलेंज के पागलपन से पहले दुनिया 'ब्लू व्हेल' जैसा जानलेवा खेल भी खेल चुकी है। लेकिन, इस तरह के आत्मघाती ट्रेंड का बार-बार वायरल होना साबित करता है कि हम सस्ती लोकप्रियता पाने और नकली रोमांच का अनुभव करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
विडम्बना ये है कि ये पागलपन उस दौर में फैल रहा है, जब जनसरोकार से जुड़े मुद्दों के साथ खड़े होने वाले लोगों की संख्या लगातार घटती जा रही है। हम भारतीय लोगों को अगर चैलेंज लेना ही है, तो मॉब लिंचिंग वाली भीड़ के सामने खड़े होने का चैलेंज लेना चाहिए। रेप विक्टिम को न्याय दिलाने का चैलेंज लेना चाहिए। बढ़िया जन प्रतिनिधि चुनने की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान और सर्व शिक्षा अभियान में सहयोग देने की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए। दहेज प्रथा और बेरोज़गारी के खिलाफ़ मुंह खोलने का माद्दा दिखाना चाहिए। कहने का मतलब है कि सही अर्थों में कुछ 'डेयरिंग' करने के विकल्पों की समाज में कोई कमी नहीं है।
हॉलीवुड की एक सस्पेंस-थ्रिलर मूवी है 'SAW' (लकड़ी काटने वाली आरी)। इस मूवी का मनोरोगी विलेन केवल उन लोगों की हत्याएं करता है, जिन्हें अपने जीवन से प्यार नहीं है। यानी ऐसे लोग जो आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं, नशीली दवाएं लेते हैं या लक्ष्यहीन जीवन जीते हैं। फ़िल्म की कहानी काल्पनिक है और इसमें दिखाए गए तौर-तरीकों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन, यह भी ज़रूरी है कि 'कीकी चैलेंज' सरीखे पागलपन में शामिल होने वाले लोगों को ज़िंदगी से प्यार करना सिखाया जाए। ज़रूरत पड़ने पर उनके साथ सख्ती भी बरती जाए।

No comments:

Post a Comment